आ बैठ मेरे पास, कुछ बात करें ।इस लम्हे की, और इसमें छिपे ब्रम्हाण्ड कीइस रहस्य की, और इसमें छिपे ज़ाहिर की आ बैठ मेरे पास, कुछ बात करें ।इस आकार की, और इसमें छिपे निराकार कीइस हवा की, और इसमें आती उसकी ख़ुशबू की आ बैठ मेरे पास, कुछ बात करें ।इस एक की, और इसमें छिपे अनेक कीइन गुणो की, और इनमें छिपे निर्गुण की आ बैठ मेरे पास, कुछ बात करें ।इस नाद की, और इसमें छिपे अनाहद कीइस शोर की, और इसमें छिपी ख़ामोशी की आ बैठ मेरे पास, कुछ बात करें ।कुछ तेरी, कुछ मेरी, और तेरी मेरी से बनी इस दुनिया कीइस प्रकट की, और इसमें छिपे अप्रकट की आ बैठ मेरे पास, कुछ बात करें ।कुछ कही, कुछ अनकहीकुछ शब्दों की, और कुछ शब्दों से परे कीप्रेम की, प्रतीक्षा की, हसने की, गाने कीऔर कुछ मौन की आ बैठ मेरे पास, कुछ बात करें ।

- Sri Anish